अकसर अपने बयानों से सुर्खियों में छाए रहने वाले राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने फिर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जब उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल बनाने की घोषणा की तो कुछ ‘दोस्तों’ ने ही विरोध शुरू कर दिया था।
देवभूमि में कुरैशी का क्या काम
राज्यपाल ने कहा कि कुछ ने तो यह भी कह डाला था कि देवभूमि में कुरैशी का क्या काम? हालांकि, तब सांसद रहे सीएम हरीश रावत ने उनका साथ दिया।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में राज्यपाल ने बताया कि उस वक्त हरीश रावत ने कहा था कि ‘पहले उन्हें आने दीजिये, फिर कुछ कमेंट करिएगा।’
फिर जाहिर किया संस्कृत प्रेम
बोले, इसके बाद मैं देवभूमि पहुंच गया। राज्यपाल ने कहा कि यह देवभूमि तो वीरभूमि भी है। इसके बाद राज्यपाल ने उत्तराखंड के मौसम की भी जमकर तारीफ की।
इस दौरान उन्होंने फिर दोहराया कि वह राज्यपाल बनने के बाद संस्कृत में शपथ लेकर इतिहास कायम करना चाहते थे। लेकिन फारमेट न मिलने से यह मुराद अधूरी रह गई।