राष्ट्रपति, पीएम की सलाह काम आई
राज्यपाल ने बताया कि जब राज्यपाल पद पर नियुक्ति के बाद एक दिन वे तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चाय पी रहे थे तो उनकी सलाह उनके यहां काम आई।
पीएमओ से कॉल तो कागज पर लिखा इक ओंकार
देवभूमि तक पहुंचने के सफर को याद करते हुए राज्यपाल ने बताया कि जब पहली बार उन्हें पीएमओ से कॉल आया तो उन्होंने सबसे पहले कागज पर इक ओंकार लिखकर रख लिया। मन ही मन सोचा, वाहे गुरु की कॉल है। पीएमओ पहुंचने तक सोचता रहा कि बुलाया क्यों होगा। प्रधानमंत्री मोदी बोले- हम आपको उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त कर रहे हैं। वहां से लौटकर वेटिंग रूम की कुर्सी पर बैठा और सोचा कि ये सम्मान मुझे नहीं बल्कि भारतीय सेना को मिला है। मेरे सिख धर्म और पूरे पंजाब को मिला है। फिर मन ही मन सोचा, वाहे गुरु, हुण की (अब क्या)... वाहे गुरु ने कहा, तू सेवा कर, कल्याण कर।