अभी एक से पांच लाख रुपये दिया जा रहा ब्याज मुक्त ऋण
अपर निबंधक सहकारिता डॉ. आनंद शुक्ल के मुताबिक प्रदेश में महिलाओं को अभी एक से पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। इसमें व्यक्तिगत महिला लाभार्थी को एक से तीन लाख रुपये तक ऋण दिया जा रहा है। पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन आदि क्षेत्रों में कार्यों के लिए 10 हजार महिलाओं को ऋण दिया गया है। जबकि छह हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है। बेहतर काम करने और समय पर ऋण चुकाने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को 10 से 20 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। जबकि व्यक्तिगत महिला लाभार्थियों को पांच से 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा।
33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला उत्तराखंड पहला राज्य
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक सहकारी समितियों की प्रबंधन समितियों के सदस्यों और सभापतियों के पदों पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। उत्तराखंड पहला राज्य है। जिसने सहकारी के क्षेत्र में यह आरक्षण प्रदान किया है।
राज्य में 50 हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह हैं, इनके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। घसियारी योजना के तहत भी राज्य की 60 हजार महिलाओं को 75 प्रतिशत सब्सिडी पर साइलेज दिया जा रहा है। महिला लाभार्थियों की संख्या को बढ़ाकर एक लाख किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
- आनंद शुक्ल, अपर निबंधक सहकारिता