उत्तराखंड ने इनमें से कई प्रावधानों को लागू कर दिया है, लेकिन फल व सब्जी पर मंडी शुल्क खत्म नहीं किया है। क्योंकि मंडी शुल्क ही कृषि उत्पादन मंडी समितियों की आय का सबसे बड़ा स्रोत है। मॉडल एक्ट के अनुसार मंडी समितियां यार्ड से बाहर किसी भी उत्पाद के कारोबार पर मंडी शुल्क नहीं ले सकती हैं।
देहरादून मंडी समिति का अधिसूचित क्षेत्र वर्तमान में डोईवाला से मसूरी तक है। यदि इस क्षेत्र में कोई भी व्यापारी किसानों का उत्पाद खरीदता है तो उसे मंडी शुल्क देना पड़ता है। मॉडल एक्ट के मुताबिक किसान प्रदेश में कहीं भी कृषि उत्पाद को बेच सकेंगे। वहीं, एक ही लाइसेंस पर व्यापारी प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में कारोबार कर सकते हैं।
केंद्र के एपीएलएम मॉडल एक्ट पर विचार कर रहे हैं। किस हद तक इस एक्ट को अपनाया जा सकता है, इस पर विभाग प्रस्ताव तैयार कर अपना मद देंगे। उसके बाद ही शासन की ओर से इस पर निर्णय लिया जाएगा।
-उत्पल कुमार सिंह, मुख्य सचिव