मंत्री ने कहा- ये महिलाएं पशुपालन, ब्यूटी पार्लर, चाय की दुकान आदि कोई भी स्वरोजगार से जुड़ा काम कर सकेंगी। योजना का लाभ पाने के लिए महिला की उम्र 22 से 45 वर्ष और सालाना आय 72 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। एकल महिलाओं में विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, अविवाहित महिलाओं के साथ ही किन्नर भी इस योजना के लिए पात्र होंगे। मंत्री ने बैठक में महालक्ष्मी किट का दायरा बढ़ाते हुए बालक के जन्म पर भी किट दिए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में विभागीय सचिव हरिचंद सेमवाल, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी मोहित चौधरी आदि मौजूद रहे।
एकल महिलाओं के स्वरोजगार के लिए निदेशालय स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह न्याय, वित्त और कार्मिक विभाग की मंजूरी के बाद अगली कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
- रेखा आर्य, मंत्री महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग