वहीं, सरकार ने सुविधाओं के नाम पर लिए जाने वाले शुल्क को निर्धारित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अभिभावकों को केवल उन्हीं सुविधाओं का शुल्क देना होगा, जिसका वह लाभ लेना चाहते हैं।
बिना सुविधा दिए अगर कोई स्कूल शुल्क वसूलता है तो उसे अभिभावकों को वह लौटाना होगा। यह व्यवस्था इसी सत्र से लागू होगी। उदाहरण के लिए किसी विद्यालय ने अगर हॉर्स राइडिंग या एसी युक्त कक्षाएं या स्वीमिंग पूल के नाम पर शुल्क लिया और विद्यालय में वह सुविधा नहीं मिल रही तो अभिभावक वह शुल्क वापस ले सकेंगे।
निजी स्कूलों को मनमानी की छूट नहीं दी जा सकती। इसके लिए सरकार यह व्यवस्था करने जा रही है। कई स्कूलों ने इस सत्र में भी मनमानी फीस बढ़ाई है। उसका परीक्षण कराया जाएगा। अधिकतम ट्यूशन फीस तय होने के बाद निजी स्कूल मनमानी फीस बढ़ोतरी तय नहीं कर पाएंगे।
-अरविंद पांडेय, शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड