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अब नहीं चलेगी निजी स्कूलों की मनमानी, शिक्षकों की योग्यता के आधार पर सरकार तय करेगी ट्यूशन फीस 

Tue, 14 May 2019 10:02 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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सरकार अब प्रदेश के सभी निजी विद्यालयों में अधिकतम ट्यूशन फीस तय करेगी। शिक्षकों की योग्यता, संख्या व शैक्षणिक संसाधनों के आधार पर अधिकतम ट्यूशन फीस का निर्धारण किया जाएगा।

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कोई भी विद्यालय उससे ज्यादा ट्यूशन फीस नहीं वसूल सकेगा। वहीं, उपलब्ध संसाधनों व सुविधाओं के आधार पर अतिरिक्त शुल्क का निर्धारण होगा। अगर स्कूलों ने सुविधाओं के बिना उसका शुल्क लिया तो वह अभिभावकों को लौटाना होगा। 

निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लगाने के लिए सरकार अधिकतम ट्यूशन फीस तय करने जा रही है। प्रदेश में स्थित सभी स्कूलों पर यह नियम लागू होंगे, चाहे वह किसी भी बोर्ड से संबद्ध हों।
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साथ ही आवासीय समेत सभी तरह के विद्यालयों पर यह नियम लागू होगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में शिक्षकों की संख्या, योग्यता, अनुभव, शिक्षण कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय समेत अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के आधार पर अधिकतम ट्यूशन फीस का निर्धारण किया जाएगा। 

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वहीं, सरकार ने सुविधाओं के नाम पर लिए जाने वाले शुल्क को निर्धारित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अभिभावकों को केवल उन्हीं सुविधाओं का शुल्क देना होगा, जिसका वह लाभ लेना चाहते हैं।

बिना सुविधा दिए अगर कोई स्कूल शुल्क वसूलता है तो उसे अभिभावकों को वह लौटाना होगा। यह व्यवस्था इसी सत्र से लागू होगी। उदाहरण के लिए किसी विद्यालय ने अगर हॉर्स राइडिंग या एसी युक्त कक्षाएं या स्वीमिंग पूल के नाम पर शुल्क लिया और विद्यालय में वह सुविधा नहीं मिल रही तो अभिभावक वह शुल्क वापस ले सकेंगे। 

निजी स्कूलों को मनमानी की छूट नहीं दी जा सकती। इसके लिए सरकार यह व्यवस्था करने जा रही है। कई स्कूलों ने इस सत्र में भी मनमानी फीस बढ़ाई है। उसका परीक्षण कराया जाएगा। अधिकतम ट्यूशन फीस तय होने के बाद निजी स्कूल मनमानी फीस बढ़ोतरी तय नहीं कर पाएंगे। 
-अरविंद पांडेय, शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड
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