इस बिंदु का फायदा उठाते हुए कई स्कूलों ने अपने यहां दर्जन भर तक रेफरेंस बुक लगा ली। इस सत्र की शुरूआत में कई निजी विद्यालयों ने एनसीईआरटी से इतर भी महंगी किताबें लगा ली। साथ ही महंगी रेफरेंस बुक भी लगाई।
अभिभावकों और छात्रों पर दबाव बनाकर जबरन यह किताबें खरीदने को मजबूर किया गया। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के अनुसार ऐसे कई स्कूलों की शिकायतें मिली है। सरकार इन सभी शिकायतों की जांच करेगी और दोषी पाए जाने पर स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।