सार
अतिरिक्त समय लेकर प्रोजेक्ट को दोबारा क्रॉस चेक किया जाएगा ।
पिछली बार शहर के बहुत ही कम लोगों ने वोटिंग की थी।
अब तक करीब दस हजार लोग वोटिंग कर अपनी राय दे चुके हैं।
इस बार एक लाख लोगों की राय के आधार पर ही प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा।
राज्य सरकार स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट 15 अप्रैल को नहीं बल्कि 15 जुलाई को जमा करेगी। अपनी तैयारियों को पुख्ता करने के लिए राज्य सरकार दो माह का अतिरिक्त समय लेगी। सरकार का तर्क है कि अतिरिक्त समय लेकर प्रोजेक्ट को दोबारा क्रॉस चेक किया जाएगा ताकि इस बार किसी तरह की कोई कमी ना रहे।
केंद्र सरकार ने देहरादून समेत 23 शहरों को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट दोबारा जमा करवाने के लिए 15 अप्रैल तक और 54 शहरों को 15 जुलाई तक का समय दिया है। 15 अप्रैल की डेडलाइन वाले सभी शहरों को 15 मार्च तक अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों के सुझाव और राय लेने का समय दिया गया है। इसको लेकर इन दिनों दून में भी बड़े स्तर पर वोटिंग अभियान चल रहा है।
कम वोटिंग के चलते प्रोजेक्ट नहीं हुआ पास
शहर के अलग-अलग हिस्सों में करीब दस हजार लोग वोटिंग कर अपनी राय दे चुके हैं। राज्य सरकार के पास अब केवल चार दिन का समय रह गया है। इस अवधि में करीब 90 हजार लोगों की वोटिंग करवाकर उनसे राय लेनी आसान नहीं है।
पिछली बार देहरादून के प्रोजेक्ट को इसीलिए केंद्र सरकार ने नकार दिया था क्योंकि सिटिजन पार्टिशिपेशन (जनसहभागिता) श्रेणी में शहर के बहुत ही कम लोगों ने वोटिंग की थी। इसलिए सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि इस बार एक लाख लोगों की राय के आधार पर ही प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। 15 मार्च की तिथि नजदीक आने के बाद सरकार ने अब 15 जुलाई को प्रोजेक्ट जमा करवाने का निर्णय लिया है।