सदन में सरकार को एक बार फिर अपनी कथनी और करनी से किरकिरी झेलनी पड़ी। विपक्ष के उठाए दो मामलों में मंत्रियों को सदस्यों के सामने हथियार डालने पड़े।
पहला मुद्दा विधायक मदन कौशिक ने रुड़की में बीते वर्ष चकबंदी अधिकारी और राजस्व अधिकारियों ने ग्रामीण की जमीन हड़पने का मामला उठाया, जिसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राजस्व मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि वह मामले में डीएम हरिद्वार से कार्रवाई करने के लिए कहेंगे और एफआईआर भी दर्ज होगी। इसके बाद सहदेव पुंडीर ने अपने विधानसभा क्षेत्र में महाविद्यालय खोलने के आश्वासन के बाद नहीं खुलने पर सरकार को घेरा।
जवाब मांगने पर मुकर गई सरकार:
सहदेव ने कहा कि सहसपुर में डिग्री खोलने का निर्णय 17 मार्च 2015 को तारांकित प्रश्न के जवाब में दिया गया, लेकिन अभी तक कालेज नहीं खुला। एक साल में क्लास चलने की बात भी उन्होंने कही।
अब जब दोबारा अतारांकित प्रश्न में कालेज की जानकारी मांगी तो सरकार मुकर गई कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदिरा हृदयेश ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए भूमि रेशम विभाग से ली जा रही है।
लेकिन, विपक्ष के हमलावर होने पर मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि फाइल को अनुमोदन दे दिया है। इसके बाद मंत्री ने दी जानकारी संशोधित कर बताया कि वहां कैंपस खोला जाएगा।