सीमांत गांवों में स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने के उद्देश्य राज्य सरकार ने आईटीबीपी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी व पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा की मौजूदगी में सचिव पशुपालन डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम और आईटीबीपी से आईजी संजय गुंज्याल ने हस्ताक्षर किए।
वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत आईटीबीपी की राज्य में तैनात वाहिनी के लिए स्थानीय उत्पादों जिंदा बकरी व भेड़, चिकन और मछली की आपूर्ति होगी। इस अवसर पर सीएम धामी ने कहा कि इस समझौते से जहां स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका बढ़ेगी, उन्हें लगेगा कि किसी न किसी रूप में हम देश की सुरक्षा से जुड़े हैं।
स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में रहे
इससे स्थानीय लोगों का आईटीबीपी के साथ संपर्क भी बढ़ेगा। सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोग देश के प्रहरी हैं। राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आईटीबीपी ब्रांड एंबेसडर की भूमिका में काम करेगा। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में रहे। आईटीबीपी को सब्जियां, दूध, पनीर, अंडा की आपूर्ति की व्यवस्था भी राज्य से किए जाने की दिशा में योजना बनाई जाए।
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि पशुपालकों और मत्स्य पालकों की आजीविका में वृद्धि के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीएम धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी। इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर एवं आईटीबीपी के अधिकारी उपस्थित थे।