कस्बों में विकास की पूरी संभावना
नियोजन विभाग का कहना है कि ये वे कस्बे हैं जहां विकास की पूरी संभावना मौजूद है। यहां अगर अवस्थापना सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश किया गया तो ये क्षेत्र आसपास के क्षेत्र को अपने में सहेजने में सक्षम हो जाएंगे।
पर्वतीय क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति
पर्वतीय क्षेत्रों में इन कस्बों को मॉडल हिल टाउन का नाम दिया जा सकता है। पर्वतीय क्षेत्र आपदा की दृष्टि से संवेदनशील हैं, लिहाजा यहां आपदा प्रतिरोधी भवनों का विकास एवं अन्य संरचनाओं का विकास किया जाए।
इन कस्बों का हुआ चयन
जिला कस्बे
अल्मोड़ा चौखुटिया, सोमेश्वर, द्वाराहाट
बागेश्वर कपकोट, ग्वालदम
चमोली थराली
चंपावत बनबसा
देहरादून चकराता, रायवाला
हरिद्वार पिरान कलियर
नैनीताल कालाढूंगी, भवाली, रामगढ़
पौड़ी सतपुली, दुगड्डा
पिथौरागढ़ बेरीनाग, धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट
रुद्रप्रयाग ऊखीमठ, जखोली
टिहरी घनसाली, चमियाला, नरेंद्रनगर
ऊधमसिंह नगर जसपुर, बाजपुर, किच्छा, सितारगंज
उत्तरकाशी चिन्यालीसौड़, बड़कोट, पुरोला
इन सुझावों को संबंधित विभागों को भेजा गया है। विभागों की ओर से फीडबैक मिलेगा, उसके आधार पर आगे की कार्यवाही होगी। नियोजन विभाग ने मानव विकास रिपोर्ट, आर्थिक सर्वे को एक थिंकिंग डॉक्यूमेंट के रूप में विकसित किया है। आर्थिक समीक्षा में भी उत्तराखंड में विकास के नए क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है।
-अमित नेगी, सचिव वित्त एवं नियोजन