इस संशोधन के लिए प्रभावित पेंशनरों को 31 मार्च 2019 तक आहरण वितरण अधिकारियों के माध्यम से आवेदन करने को कहा गया था। शासन ने इसके लिए आवेदन प्रारूप भी जारी किया था।
मुसीबत यह हुई कि राज्य गठन से पहले के पेंशनर्स जो पेंशन तो उत्तराखंड से ले रहे हैं, लेकिन इनके आहरण वितरण अधिकारी इस समय उत्तर प्रदेश में हैं, वो आवेदन नहीं कर पाए।
इसी तरह के कई कारणों के चलते शासन को निर्धारित अवधि में केवल 25 हजार आवेदन ही मिल पाए। अब शासन ने शेष करीब 55 हजार पेंशनरों को राहत देते हुए आवेदन की तिथि 31 मार्च 2020 तक बढ़ा दी है।
पारिवारिक पेंशनरों के लिए भी है यह समय सीमा
सचिव वित्त अमित नेगी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह समय सीमा पारिवारिक पेंशनरों के लिए भी है। यह साफ कर दिया गया है कि आहरण वितरण अधिकारियों, विभागाध्यक्षों के स्तर से पूर्व में तय किए प्रारूप पर आवेदन भरकर 31 मार्च 2020 तक कोषागारों को भेजा जाएगा।