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उत्तराखंड: छात्र नहीं मिले तो पौड़ी जिले में 40 स्कूलों पर लटके ताले, 32 प्राथमिक स्कूल भी हुए बंद

Tue, 13 Oct 2026 02:01 PM IST
Renu Saklani मुकेश चंद्र आर्य, संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी

सार

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या की तस्वीर चिंताजनक है। नए शैक्षणिक सत्र में एक भी छात्र प्रवेश नहीं लेने के कारण जिले के 40 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ताले लग गए हैं। इनमें सबसे अधिक 32 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
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स्कूल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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पौड़ी जिले में लगातार घटती छात्र संख्या का असर सरकारी स्कूलों पर साफ दिखाई देने लगा है। इस वित्तीय वर्ष विभिन्न विकासखंडों के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्र संख्या शून्य होने के कारण जिले के 40 स्कूलों में ताले लटक गए हैं। इनमें प्राथमिक के 32 और उच्च प्राथमिक के 8 विद्यालय शामिल हैं।

शिक्षा विभाग के मुताबिक जिले में संचालित 1297 प्राथमिक विद्यालयों में से 32 ऐसे हैं जहां नए शैक्षणिक सत्र में एक भी छात्र ने प्रवेश नहीं लिया जबकि 231 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आठ विद्यालयों में छात्र संख्या शून्य दर्ज की गई। शून्य छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद करने की प्रक्रिया छात्र संख्या शून्य होने के आधार पर ही की जा रही है।

प्राथमिक विद्यालयों में सबसे ज्यादा पांच स्कूल बीरोंखाल ब्लॉक में बंद हुए। जबकि पौड़ी व यमकेश्वर में चार- चार और एकेश्वर, द्वारीखाल, कोट, कल्जीखाल, थलीसैंण, पाबौ, पोखड़ा, दुगड्डा में दो-दो और खिर्सू, जयहरीखाल व नैनीडांडा में एक - एक स्कूल बंद हुए। वहीं उच्च प्राथमिक स्तर पर एकेश्वर, यमकेश्वर, कल्जीखाल, रिखणीखाल, थलीसैंण, पाबौ, पौड़ी और जयहरीखाल विकासखंडों में एक -एक स्कूल बंद हुए।

किस ब्लाॅक में कौन स्कूल हुए बंद

एकेश्वर ब्लॉक में प्रावि डियूल्ड, प्रावि पुसोली, उप्रावि चौड़खाल, यमकेश्वर में प्रावि पलेलगांव, प्रावि पैंया, प्रावि उमड़ा, प्रावि नांद, उप्रावि चोपड़ा कस्याली, द्वारीखाल में प्रावि घंडालू व प्रावि खेड़ा, बीरोंखाल में प्रावि तनकिला, प्रावि गाडखर्क, रतकोट, सुंदरखाल व चौंडी स्कूल शामिल हैं। कोट में प्रावि सैंज व कंडोला, कल्जीखाल में प्रावि बूंगा-दो, प्रावि बलोद व उप्रावि पलाई, खिर्सू में प्रावि मुसोली, थलीसैंण में प्रावि खरकासारी, कुवाखर्क व उप्रावि कांडई बंद हुए।

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रिखणीखाल में उप्रावि मेलधार, पाबौ में प्रावि कोटा, कलुण, व उप्रावि कुई पोखड़ा में प्रावि चमनाऊ व प्रावि पोखड़ा शामिल हैं। पौड़ी ब्लॉक में प्रावि गजेंद्रपुर, प्रावि चांदखेत, प्रावि डोबल्या, प्रावि थपलियालगांव और उप्रावि कड़ाकोट, दुगड्डा में प्रावि गढ़सिर और प्रावि केष्टा, जयहरीखाल में प्रावि मोली और उप्रावि रैतपुर और नैनीडांडा में प्रावि झुडंगू बंद हो गया है।

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- जिले के कई गांवों में पलायन के चलते बच्चे नहीं मिल रहे। हालांकि गुणवत्ता पूरक शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है जिसमें बीआरसी और सीआरसी को निर्देशित किया गया है। कुछ नए बीईओ मिलने से स्कूलों में सुधारात्मक कार्य अब आसानी से किए जा सकेंगे। इससे छात्रसंख्या के ग्राफ में भी सुधार होने की उम्मीद है। - अंशुल बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रां.शि) पौड़ी।

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