शिक्षा सत्र के दौरान शीतकालीन स्कूलों में 244 दिन पढ़ाई होगी। जबकि ग्रीष्मकालीन स्कूल 240 दिन खुलेंगे। रविवार, शीतकालीन अवकाश और ग्रीष्मकालीन अवकाश के रूप में शीतकालीन स्कूल 73 दिन बंद रहेंगे। जबकि ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 77 दिन छुट्टी रहेगी।
यह होंगे सार्वजनिक अवकाश
मकर संक्राति, गुरु गोविंद सिंह जयंती, गणतंत्र दिवस, वसंत पंचमी, रविदास जयंती, महाशिवरात्रि, होली, शब ए बारात, गुड फ्राईडे, वैशाखी, अंबेडकर जयंती, रामनवमी, महावीर जयंती, जमात उल विदा, ईद उल फितर, बुद्द पूर्णिमा, हरेला, ईद उल जुहा, स्वतंत्रता दिवस, मोहर्रम, रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा, अनंत चतुर्दशी, चेहल्लुम, गांधी जयंती, महानवमी, विजयदशमी, ईद उल मिलाद, वाल्मीकि जयंती, दीपावली, गुरुनानक जयंती, गुरु तेगबहादुर का शहीद दिवस, क्रिसमस।
प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन (पीपीएसए) ने कक्षा पांच से 9वीं तक और 11वीं कक्षा के लिए मुख्यमंत्री से स्कूलों को खुलवाने की मांग की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और शिक्षामंत्री अरविंद पांडे को पत्र भी भेजा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कश्यप ने बताया कि पत्र में सरकार से मांग की गई है कि बाकी कक्षाओं के लिए भी स्कूल जल्द खोलने के आदेश कर दिए जाएं। अब कोरोना का प्रभाव कम होने लगा है और वैक्सीन आने वाली है। इसलिए स्कूल खोल दिए जाने चाहिए। ऐसे में अगर ये सत्र शून्य हो जाता है तो ज्ञान के लिहाज से वे बच्चे काफी पिछड़ जाएंगे।