मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित होगी समिति
शासनादेश में कहा गया है कि पदक विजेताओं, खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के चयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित होगी। समिति में प्रमुख सचिव एवं सचिव खेल, संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव एवं सचिव, कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एवं सचिव एवं निदेशक खेल सदस्य होंगे।
पांच साल तक के लिए होगी सीधे नौकरी देने की व्यवस्था
शासनादेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक लाकर नौकरी पाने की व्यवस्था पांच साल तक के लिए लागू होगी। इसके बाद इस व्यवस्था को आगे जारी रखने के लिए इसकी समीक्षा के साथ ही वित्त विभाग की सहमति ली जाएगी।
इन पदों पर नौकरी का है प्रस्ताव
शासनादेश में कहा गया है खेल श्रेणी एक में ओलंपिक में स्वर्ण, रजत, कांस्य पदक विजेता को चिन्हित विभागों में समूह ख पद ग्रेड पे 5400 पर नियुक्ति दी जाएगी। खेल श्रेणी दो पर ओलंपिक खेल में प्रतिभाग, विश्व चैंपियनशिप, विश्वकप, एशियन खेल, एवं राष्ट्रमंडल खेल के पदक विजेता खिलाड़ियों को चिन्हित विभागों के चिन्हित पदों पर, स्वर्ण पदक विजेता को ग्रेड पे 4800, रजत व कांस्य पदक विजेता को ग्रेड पे 4600 के पदों पर नौकरी दी जाएगी। जबकि खेल श्रेणी तीन में सैफ खेल व राष्ट्रीय खेल में पदक विजेता खिलाड़ियों, एशियन खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व चैंपियनशिप, विश्वकप के प्रतिभागी खिलाड़ियों को चिन्हित समूह ग के पदों पर रखा जाएगा। आदेश में कहा गया है खेल श्रेणी चार के लिए वित्त विभाग की ओर से असहमति जताई गई है।
शासन को पांच खेल श्रेणी बनाकर भेजी थीं, वित्त ने खेल श्रेणी चार ग्रेड पे 2000 के पद पर नौकरी से इनकार कर दिया, जबकि अन्य चार श्रेणियों में वित्त का अनुमोदन मिल चुका है। शासन को फिर से संशोधित प्रस्ताव नहीं भेजा जाएगा, जो खेल श्रेणी वित्त ने मंजूर की है, फिलहाल उस पर आवेदन शुरू किए जाएंगे। ताकि पदक विजेता खिलाडियों को नौकरी मिलने लगे। हम कई बार वित्त को संशोधित प्रस्ताव भेज चुके हैं, ऐसे तो यह मामला लटकता रहेगा। मामले को मुख्य सचिव के पास ले जाया जाएगा। जहां वित्त विभाग के अधिकारियों को भी बुलवाया जाएगा।
- जितेंद्र कुमार सोनकर, खेल निदेशक