हाईकोर्ट के उपनल आउटसोर्स कर्मियों के नियमितीकरण करने के फैसले के खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल कर दी है। हाईकोर्ट के निर्णय पर विधि विभाग से परामर्श के बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। वहीं हाईकोर्ट के निर्णय के बाद राहत महसूस कर रहे 18 हजार से अधिक उपनल आउटसोर्स कर्मचारियों को अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार करना होगा।
हाईकोर्ट ने एक वर्ष के अंदर आउट सोर्सिंग पर तैनात उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण का आदेश सरकार को दिया था। निगम में कर्मचारियों की तैनाती प्रक्रिया लंबे अरसे से विवादों में रही है, लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद कर्मचारियों को नियमित होने की आस बंधी थी। सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले पर विधि विभाग से परामर्श मांगा था।
विधि विभाग ने उमा देवी सहित कर्मचारियों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों के आधार पर सरकार को सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह दी। यह भी आशंका जताई जा रही थी कि अगर सरकार उच्चतम न्यायालय नहीं जाती है तो कोई अन्य याचिका दाखिल कर सकता है। ऐसे में सैनिक कल्याण विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के निर्णय को चुनौती दी है।
उपनल कर्मियों के नियमितीकरण के लिए हाईकोर्ट के फैसले पर विधि विभाग के परामर्श के बाद सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी गई है।
- आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव