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बीआरओ को अब राज्य सरकार देगी पैसा

Fri, 24 Jan 2014 10:22 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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यात्रा से पहले क्षतिग्रस्त चारधाम यात्रा मार्ग बनाने के लिए पैसे की कमी से जूझ रहे सीमा सड़क संगठन की मदद अब प्रदेश सरकार करेगी।
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बीआरओ को इस काम के लिए करीब 300 करोड़ रुपये चाहिए, जबकि उसे सिर्फ 74 करोड़ ही मिले हैं। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बजट रिलीज करने के लिए अब प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।

सीएम का कहना है कि 24 को वह दिल्ली जाएंगे तो प्रधानमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से इस संदर्भ में बात भी करेंगे।

पैसे की वापसी बाद में देखेंगे
मुख्यमंत्री के मुताबिक जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार अपनी तरफ से यह पैसा बीआरओ को दे सकती है। इसके बाद देखा जाएगा कि यह पैसा रिफंड कैसे होगा।

बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने बीआरओ और शासन के अधिकारियों के साथ सचिवालय में चारधाम यात्रा मार्ग के निर्माण की समीक्षा की।

चारधाम यात्रा के पहले करना है काम
समीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार की कोशिश चारधाम यात्रा से पहले सड़कों को दुरस्त करने की है। बीआरओ ने सड़कों के लिए निर्माण सामग्री की कमी की बात भी बताई थी।
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इसके लिए जिलाधिकारियों से कहा गया है कि बीआरओ की मांग के हिसाब से निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार बीआरओ को क्रेशर की अनुमति नहीं देगी।

सदन में उठा था मामला
आपदा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों का मसला सदन में भी उठा था और मुख्यमंत्री ने उस समय फरवरी माह में काम शुरू होने का भरोसा दिलाया था।

बदरीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री-गंगोत्री चारधाम मार्ग बीआरओ के अधीन है। लिहाजा बीआरओ की सुस्त रफ्तार की शिकायत प्रदेश सरकार ने की थी।

क्या है माजरा
बीआरओ की सड़कों को पीडब्ल्यूडी को देने के मामले से मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बृहस्पतिवार को फिर साफ इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडब्ल्यू के पास इतने संसाधन नही हैं।

दूसरी तरफ सचिवालय में ही मीडिया से बीआरओ के मुख्य अभियंता केके राजदान ने कहा कि करीब 2500 किलोमीटर सड़क राज्य सरकार को देने की बात चल रही है। बीआरओ के पास राज्य में करीब  4000 किलोमीटर सड़क है जिसमें यात्रा मार्ग भी शामिल है।
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सूत्रों के मुताबिक केंद्र के स्तर पर यह फैसला हो चुका है कि बीआरओ पर बोझ कम करने के लिए करीब 50 प्रतिशत सड़कें राज्यों को दे दी जाएं। इसी के तहत यह कसरत हो रही है।
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