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पेपरलेस बजट के बाद अब उत्तराखंड में ई-कैबिनेट की तैयारी

Sat, 29 Jul 2017 10:06 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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cm trivendra singh rawat
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प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार पेपरलेस बजट के बाद अब ई-कैबिनेट की तैयारी में जुट गई है। कैबिनेट की पिछली बैठक मेंमंत्री परिषद के समक्ष ई-कैबिनेट का प्रस्तुतीकरण हुआ। 
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मंत्री परिषद ने सॉफ्टवेयर में गोपनीयता के लिहाज से इसे और अधिक फूलप्रूफ बनाने को कहा है। ई-कैबिनेट के लिए राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) ने एक स्पेशल सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसके जरिए कैबिनेट की पूरी कार्यवाही पेपरलेस हो जाएगी।

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो सॉफ्टवेयर में कुछ संशोधन होने हैं, जिस कारण ई-कैबिनेट की शुरुआत में अभी और विलंब होगा। बहरहाल सरकारी कामकाज को डिजिटलाइजेशन करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इसकी शुरुआत सरकार पेपरलेस बजट से कर चुकी है। 
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अभी ऐसे होती है कैबिनेट
कैबिनेट के आयोजन की अभी पूरी प्रक्रिया मैनुअल है। विभागों से गोपन को कैबिनेट के अनुमोदन के लिए प्रस्ताव भेजे जाते हैं। इन प्रस्तावों की गोपन विभाग विवेचना करता है। वित्त, न्याय और कार्मिक के परामर्श के बाद वह विभागों के प्रस्तावों का एक एजेंडा तैयार करता है। ये एजेंडा सभी कैबिनेट मंत्रियों और उनके विभागों से संबंधित प्रमुख सचिवों या सचिवों को भेजा जाता है। 

ऐसी होगी ई-कैबिनेट     
ई-कैबिनेट के तहत विभागों के अनुभाग प्रस्ताव गोपन विभाग को ऑनलाइन भेजने होंगे। इन प्रस्तावों के आधार पर गोपन विभाग कैबिनेट मंत्रियों और विषय से संबंधित विभागीय सचिवों को बैठक का नोटिस ऑनलाइन भेजेगा। इन प्रस्तावों के आधार पर कैबिनेट मंत्रियों को बैठक का एजेंडा ऑनलाइन भेजा जाएगा। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्री लैपटॉप पर बैठक की कार्यवाही पर सुझाव या टिप्पणी करेंगे। कैबिनेट के निर्णय बैठक के तत्काल बाद ऑनलाइन प्रदर्शित कर दिए जाएंगे। गोपन विभाग की वेबसाइट पर कैबिनेट के सभी फैसले अपलोड हो जाएंगे।

अभी ये हैं दिक्कतें
सभी अनुभागों का डिजिटलाइज्ड न हो पाना, ई-कैबिनेट के मार्ग में सबसे बड़ी अड़चन  है। सचिवालय प्रशासन विभाग ने सभी अनुभागों को ई-ऑफिस से जोड़ने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री का कार्यालय भी ई-आफिस से जोड़ा जाएगा। सभी अनुभागों के ई-आफिस से जुड़ने के बाद ई-कैबिनेट की प्रक्रिया में और अधिक आसानी होगी। शुरुआत में अनुभाग प्रस्ताव भेजने के लिये ई-मेल का इस्तेमाल करेंगे।

मंत्रिपरिषद के समक्ष ई-कैबिनेट का प्रस्तुतीकरण किया गया। मंत्रि परिषद ने इस पर सहमति दी है। प्रस्तुतीकरण के दौरान कुछ सुझाव भी आए हैं। ई-कैबिनेट कब से आरंभ होगी, यह कहना अभी संभव नहीं है, लेकिन इस दिशा में हम प्रयासरत हैं। 
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- अमित सिंह नेगी, सचिव, गोपन
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