खेल मंत्री ने कहा कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार का यह एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों में बेटियों की संख्या अच्छी रही, लेकिन इसके बावजूद अभी तक प्रदेश में लड़कियों को एक खिलाड़ी के रूप में तैयार करने के लिए समर्पित कोई बड़ा सरकारी संस्थान नहीं था।
चंपावत में गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज बनने के बाद यह कमी पूरी हो जाएगी। खेल मंत्री ने शासनादेश जारी होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया और प्रदेश भर की महिला खिलाड़ियों को बधाई दी है।