एनडीएमए ने भूस्खलन से बचाव के लिए 140 करोड़ स्वीकृत किए
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य राजेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग ने आगामी मानसून में उत्तराखंड के लिए सामान्य से अधिक बारिश का पूर्वानुमान है। ऐसे में उत्तराखंड के लिए 15 जून से सितंबर तक आपदा की दृष्टि से महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन के बचाव के लिए उत्तराखंड को एनडीएमए ने 140 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश की 190 संवेदनशील झीलों के लिए उत्तराखंड को 40 करोड़ का आवंटन हो चुका है। उत्तराखंड को फॉरेस्ट फायर के लिए करीब 16 करोड़ की स्कीम को स्वीकृति प्रदान की है। भूकंप के लिए भी उत्तराखंड को आवश्यकतानुसार धनराशि दी जाएगी। एनडीएमए ने देश में आने वाली आपदाओं के लिए गाइडलाइन बनाई हैं, जिसे जिले स्तर तक पहुंचाना है। राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति उपाध्यक्ष विनय रोहेला ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से आपदा के दौरान होने वाले नुकसान को कम से कम किया गया है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि यह कार्यशाला मानसून से पूर्व की तैयारियों को और मजबूत बनाने के लिए की गई है।
तकनीकी सत्रों का हुआ आयोजन
तकनीकी सत्रों में मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह ने मौसम पूर्वानुमान, बाढ़ पूर्वानुमान, ईडब्ल्यूएस की निगरानी और प्रसार पर सीडब्ल्यूसी के सुधीर त्रिपाठी, जियोलाॅजिकल सर्वे आफ इंडिया के निदेशक रवि नेगी ने संबोधित किया। तैनाती और परिचालन संबंधी तैयारी- मानसून-2025 पर एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट रोहिताश्व मिश्रा के अलावा अन्य विशेषज्ञों ने संबोधित किया। इस दौरान प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन आदि मौजूद थे।