खंडूरी के लोकायुक्त को खारिज करने के लिए सरकार ने बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। साथ ही कैबिनेट केंद्र सरकार के लोकपाल को बतौर लोकायुक्त पेश करने के लिए भी मंजूरी देगी।
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बैठक में देहरादून की 118 मलिन बस्तियों को मालिकाना हक देने का मामला भी कैबिनेट में मंजूरी के लिए आ सकता है।
ऐसे होगा खारिज बिल
लोकायुक्त बिल को लेकर सरकार के सामने दो विकल्प हैं पहला कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू बिल को खारिज करने और नए बिल को मान्यता दिलाने के लिए उसे विधानसभा में ले जाए।
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इसके लिए जनवरी के पहले सप्ताह में सत्र बुलाया जा सकता है। अगर सत्र नहीं बुलाया जाता है तो सरकार आर्डिनेंस के माध्यम से लागू बिल को खारिज कर नए को मान्यता दे राज्यपाल के पास भेजेगी।
विधानसभा में करना होगा पेश
राज्यपाल के अनुमोदन के बाद उसे राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। हालांकि आर्डिनेंस लाने के बाद भी इसे बाद में विधानसभा में पेश कर पास करवाना ही होगा।
मलिन बस्तियों पर फैसला
सरकार ने देहरादून की 118 मलिन बस्तियों को मालिकाना हक देने की घोषणा की है। उम्मीद है बैठक में इस पर कैबिनेट की मुहर भी लग जाए।
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सरकार सभी बस्तियों को मालिकाना हक देना तो चाहती है लेकिन कुछ बस्तियां नदी के बहुत करीब और किसी खतरे की जद में हैं तो उनका पुर्नवास करने की भी तैयारी है। यानि कुछ बस्तियों को हटाकर दूसरी जगह बसाया जाएगा।
टिहरी और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र को प्रभावित करने वाली देहरादून की मलिन बस्तियां लोकसभा चुनाव के लिहाज से खासा महत्व रखती हैं। 2011 में भाजपा सरकार ने भी मलिन बस्तियों के लिए नीति बनाई थी लेकिन सरकार का मालिकाना हक देना अहम फैसला है।