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60 साल की उम्र पार कर चुके कामगारों को सरकार का तोहफा, पढ़़े फायदे की खबर

Tue, 24 Oct 2017 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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साठ साल से अधिक उम्र के कामगारों को सरकार ने तोहफा दिया है। सरकार उन्हें कई सुविधाएं देने जा रही है। पढ़ें फायदे की खबर...
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सरकार ने कामगारों की पेंशन में पांच सौ रुपये की वृद्धि कर दी गई है। ऐसे कामगारों को अब प्रतिमाह एक हजार की जगह पंद्रह सौ रुपये पेंशन दी जाएगी। इसके अलावा लकवा, कुष्ठ रोग और दुर्घटना के कारण होने वाली अपंगता पर भी कामगारों को अब एक हजार की जगह पंद्रह सौ रुपये पेंशन मिलेगी।

इसके अलावा कामगारों को भवन खरीदने और निर्माण के लिए रियायती ऋण सीमा को पचास हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। यह फैसला सोमवार को प्रदेश के श्रम मंत्री हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में विधानसभा स्थित कक्ष में आयोजित उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठक में लिया गया।
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इसके अलावा पैरामेडिकल, नर्सिंग और मेडिकल की पढ़ाई करने वाले मजदूरों के बच्चों की आधी फीस का भार बोर्ड उठाएगा। बैठक में मजदूरों के हितों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में निर्णय लिए गए।

90 दिन काम करने वालों का होगा पंजीकरण

मजदूरों के बच्चों को खेल में प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तर पर चयन होने पर 1000 रुपये और राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर 5000 रुपये प्रतिमाह  की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राज्य स्तरीय महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में चयन पर 2500 रुपये प्रतिमाह एवं राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉलेज, पटियाला में चयन होने पर 10 हजार रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण पर केंद्र की ओर से दी जाने वाली राशि के अतिरिक्त जो खर्चा आएगा, उसे भी बोर्ड द्वारा वहन किया जाएगा। इन फैसलों का लाभ 1966 कर्मकार अधिनियम के तहत पंजीकृत मजदूरों को ही मिल सकेगा।

राज्य में ऐसे मजदूरों की संख्या लगभग दो लाख छह हजार है। बैठक में प्रभारी सचिव श्रम हरबंस सिंह चुघ, अपर सचिव वित्त अर्जुन सिंह, अपर सचिव न्याय महेश कौशिबा, श्रमायुक्त आनंद श्रीवास्तव, बोर्ड के सदस्य मान सिंह, विजय नागर, शशि बाला और शैलेश गुसाईं मौजूद रहे।

90 दिन काम करने वालों का होगा पंजीकरण
सरकारी भवन, सड़क, मनरेगा, सिंचाई, नहर, हाइड्रो प्रोजेक्ट, ऑल वेदर रोड, रेलवे, पीडब्ल्यूडी एवं अन्य निर्माण में जो मजदूर 90 दिन कार्य करते हैं, उनका पंजीकरण होगा। इन परियोजनाओं पर खर्च होने वाली एक प्रतिशत की धनराशि बोर्ड को मिलेगी। इस राशि से मजदूरों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाएंगी।
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एक अन्य आउटसोर्स एजेंसी बनाने की तैयारी

एक अन्य आउटसोर्स एजेंसी बनाने की तैयारी  
सरकारी विभागों में आउटसोर्स से तैनाती के लिए उपनल के अलावा एक अन्य एजेंसी भी बनाई जाएगी। श्रम मंत्री हरक सिंह रावत के मुताबिक अब तक उपनल द्वारा सैनिक एवं उनके आश्रितों के आउटसोर्सिंग के रूप में रोजगार देता है।

अब एक अन्य आउटसोर्स एजेंसी का गठन किए जाने की योजना है। यह एजेंसी सभी बेरोजगारों को आउटसोर्स के आधार पर नौकरी उपलब्ध कराएगी। इसका नोडल विभाग सेवायोजन विभाग होगा। एजेंसी में सेवा योजना विभाग के अधिकारी पदेन रूप में कार्य करेंगे। इस संबंध में जल्द ही प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा।

प्रदेश में ईएसआई सोसायटी का गठन
प्रदेश में ईएसआई सोसायटी का गठन कर दिया है। सोसायटी के अध्यक्ष श्रम मंत्री होंगे। श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि ईएसआई के तहत मजदूरों के इलाज पर होने वाले खर्च का 88 फीसदी केंद्र और 12 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार उठाती है। सोसायटी के गठन के बाद पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मजदूरों के इलाज के लिए अब केंद्र से 186 करोड़ रुपये मिलेंगे।
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