प्रमुख सचिव खनन एवं औद्योगिक विकास आनंदवर्द्धन, पूर्व खनन सचिव शैलेश बगौली और जिलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत के खिलाफ मातृसदन की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया गया है।
वाद में तीनों अफसरों पर गंगा में होने वाले अवैध खनन की अनदेखी करने के साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों की अवहेलना का आरोप लगाया गया है।
मातृसदन के संत ब्रह्मचारी दयानंद की ओर से दाखिल वाद में कहा गया है कि प्रमुख सचिव खनन एवं औद्योगिक विकास आनंदवर्द्धन, पूर्व सचिव शैलेश बगौली और जिलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत ने गंगा में होने वाले खनन को रोकने के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।