नीति में के अमुसार क्रय संस्थाओं की ओर से ई-खरीद साफ्टवेयर से ऑनलाइन धान खरीद की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से अपनाया जाएगा। किसी कारण से ऑनलाइन खरीद नहीं होती है तो क्रय केंद्रों पर धान की खरीद नहीं रोकी जाएगी।
धान विक्रय करने के लिए प्रत्येक किसानों को क्रय एजेंसी में पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण किसान का धान नहीं खरीदा जाएगा। बिचौलियों से किसानों को बचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से किसानों की सूची क्रय केंद्रों को उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही किसान को 24 घंटे के भीतर धान मूल्य का भुगतान किया जाएगा।
विभाग करेगा नए बोरों की व्यवस्था
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से क्रय संस्थाओं को बोरे उपलब्ध कराए जाएंगे। नए बोरों का क्रय पटसन आयुक्त कोलकाता के माध्यम से किया जाएगा। नए बोरे उपलब्ध होनेे तक राइस चावल मिलर्स से उधार पर बोरों की व्यवस्था की जाएगी। संभागीय खाद्य नियंत्रकों को बोरे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मंडल क्रय केंद्र धान खरीद का लक्ष्य
गढ़वाल 27 30 हजार मीट्रिक टन
कुमाऊं 151 1.20 लाख मीट्रिक टन