गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को वित्तीय संकट से उबारने के लिए सरकार निगम को दस करोड़ का राहत पैकेज देगी।
पर्यटन सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि जीएमवीएन को वित्तीय संकट ने उबारने के लिए कई कदम उठाए गए है। घाटे में संचालित निगम के अतिथिगृहों को पीपीपी मोड में संचालित किया जाएगा। अतिथिगृहों के आधुनिकीकरण के साथ ही कर्मचारियों को होटल प्रबंधन के भी गुर सिखाए जाएंगे।
निगम के ऐसे कर्मचारी जो मुख्यमंत्री आवास या फिर सचिवालय से संबद्ध हैं और उनका उपयोग निगम के कार्यों में नहीं हो रहा है, ऐसे कर्मचारियों के वेतन व भत्तों के भुगतान के लिए राज्य संपत्ति विभाग के बजट में अलग से प्रावधान किया जाएगा। जिससे जीएमवीएन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े।
दरअसल जीएमवीएन की वित्तीय स्थिति बेहद खराब है। आलम यह है कि निगम से जुड़े कर्मचारियों को पिछले कई माह से वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। ऐसी परिस्थितियों में अब निगम को वित्तीय संकट से उबारने के लिए सरकार को पहल करनी पड़ी है।