शिक्षक संघ ने बताया संगठन को खत्म करने की साजिश
राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने चुनाव के लिए छुट्टी न मिलने के आदेश पर नाराजगी जताते हुए कहा, यह संगठन को खत्म करने की साजिश है। संगठन की इस तरह की मांग नहीं थी। संगठन की मांग थी कि सभी को मत देने का अधिकार दिया जाए, लेकिन इसमें कई अन्य शर्तें जोड़ दी गई हैं।
डॉ. अंकित जोशी ने दाखिल की थी याचिका
हर शिक्षक को मतदान का अधिकार मिले इसे लेकर प्रवक्ता डॉ. अंकित जोशी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि सभी शिक्षकों को मत का अधिकार मिलना स्वागत योग्य है, लेकिन चुनाव के लिए शिक्षकों को छुट्टी मिलनी चाहिए। संविधान में कार्मिकों को संगठन बनाने अधिकार है।
अब तक ऐसे होते रहे हैं चुनाव
राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय व मंडल कार्यकारिणी के चुनाव में वर्तमान में डेलीगेट व्यवस्था है। जिसके तहत एक से 10 शिक्षकों वाले विद्यालय में एक शिक्षक मतदान करते हैं। जबकि 11 से 20 शिक्षक वाले विद्यालय से दो शिक्षक डेलीगेट के रूप में मतदान करते हैं। वहीं, ब्लॉ, जिला, मंडल व प्रांतीय कार्यकारिणी के चुनाव के लिए अलग-अलग दिन छुट्टियां होती थी। जिसमें संगठन के दो से तीन दिन के अधिवेशन में चुनाव होते थे। जबकि अब छुट्टी वाले दिन एक ही दिन में चुनाव होंगे।