जीपीएस के माध्यम से चलने वाली इस डिवाइस के इस्तेमाल के लिए सेफ्टी एप वाला एंड्राइड फोन जरूरी होगा। यदि उपयोगकर्ता के पास मोबाइल नहीं है, लेकिन उसके 30 मीटर के दायरे में किसी अन्य के पास एंड्राइड मोबाइल है तो भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इस डिवाइस को अंगूठी, चेन और कंगन में पहनकर इस्तेमाल किया जा सकेगा। संकट के समय पैनिक बटन को 30 सेकेंड तक दबाना होगा। बटन दबते ही परिजनों और रिश्तेदारों के मोबाइल फोन पर मदद के लिए संदेश पहुंच जाएगा।
इस डिवाइस से कम से कम एक दर्जन लोगों को एक साथ संदेश भेजने की सुविधा मिलेगी। इसमें पुलिस और महिला हेल्पलाइन का नंबर भी शामिल हो सकता है। यह बाजार में बिक्री के लिए ऑनलाइन उपलब्ध है। एक ऑनलाइन शापिंग साइट पर इसकी कीमत करीब तीन हजार रुपये है।