केंद्रीय योजनाओं में फंडिंग पैटर्न बदलकर उत्तराखंड को नॉर्थ-ईस्ट की तर्ज पर लाभ देने के लिए केंद्र ने राज्य को अधिकृत सूचना भेज दी है। राज्य को अब स्पेशल कैटेगरी का रूतबा मिल गया है। अमर उजाला ने विगत छह नवम्बर को ही इस आशय की खबर प्रकाशित की थी। केंद्रीय वित्त मंत्रालय में वित्त सचिव रतन वी पातल ने राज्य सरकार को विगत 28 अक्तूबर जारी किए गए आदेश से अवगत कराया है।
नार्थ ईस्ट के राज्यों की तर्ज पर लाभ
उत्तराखंड, हिमाचल व जम्मू कश्मीर को भी अब नॉर्थ-ईस्ट के आठ राज्यों की तर्ज पर केंद्रीय योजनाओं में लाभ मिलेगा। केंद्र द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार कोर योजनाओं की संख्या 29 होने के बाद सभी में 90:10 के फार्मूले पर केंद्रांश मिलेगा।
मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम, अनुसूचित जाति व जनजाति के अम्ब्रेला प्रोग्राम, मल्टी सेक्टोरियल डेवलपमेंट प्लान, मदरसा शिक्षा में 60:40 के स्थान पर अब 90:10 केअनुपात में धनराशि मिलेगी। कोर योजनाओ में 50:50 के बजाय केंद्र 90 प्रतिशत केंद्रांश देगा।
राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीडी कंट्रोल प्रोग्राम, राष्ट्रीय स्किल डेवलपमेंट मिशन, अपराध रोकथाम, महामारी रोकथाम आदि कार्यक्रमों में अभी तक 50:50 के अनुपात में धनराशि मिलती थी, लेकिन अब 80:20 अनुपात में धनराशि मिलेगी।