राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कई स्वास्थ्य कार्यक्रमों के मदों में कटौती कर 351 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए स्वीकृत किए हैं। राज्य सरकार का प्रस्ताव 405.49 करोड़ रुपये का था। राज्य सरकार के लिए राहत यह है कि बीते वित्तीय वर्ष स्वीकृत प्लान 71.89 करोड़ की चालू योजनाओं को जारी रखने की स्वीकृति भी प्रदान की है।
इस बार बजट में नेशनल डायलेसिस प्रोग्राम नया कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है, जिसके तहत पीपीपी मोड में चार सेंटर पहले चरण में खुलेंगे। गौरतलब है कि बीते वर्ष विभाग की अनदेखी के चलते 374 करोड़ के स्वीकृत बजट से 107 करोड़ खर्च नहीं हुए थे।
राज्य सरकार की ओर से गत एक जून को ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 405 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा गया था। प्रस्तावित कार्यक्रम में चालू वित्त वर्ष में जननी सुरक्षा कार्यक्रम, वैक्टर बार्न डिजीज, कम्युनिटी डिजीज व ओरल हेल्थ समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य सभी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का प्रावधान किया गया।