पांच साल पहले जहां उत्तराखंड निर्यात में देश का 19वां राज्य था। वहीं हाल ही में नीति आयोग की ओर से जारी ईपीआई रैकिंग में 17वां स्थान हासिल किया है। प्रदेश से वर्ष 2017-18 में कुल 10836 करोड़ का निर्यात होता था। जो बढ़कर 2020-21 में 15915 करोड़ पहुंच गया है। इसी तरह फार्मा सेक्टर में निर्यात लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में बनने वाली विभिन्न प्रकार की दवाईयां निर्यात हो रही है।
पांच साल पहले प्रदेश में फार्मा सेक्टर का निर्यात 903 करोड़ था। जो वर्तमान में 1521 करोड़ तक पहुंच गया है। प्रदेश में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने निर्यात नीति लागू की है। इसके साथ ही प्रत्येक जिला स्तर पर निर्यात प्लान तैयार किया गया है। हर जिले में दो उत्पादों को चयन कर गुणवत्ता उत्पादन, विपणन, पैकेजिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
कोविड महामारी की चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड से निर्यात में सतत वृद्धि हुई है। प्रदेश में कई ऐसे उत्पाद हैं, जिनमें निर्यात करने की काफी संभावना है। सरकार की ओर से निर्यातकों को एक्सपोर्ट नीति के तहत कई सुविधाएं दी जा रही है। आने वाले समय में प्रदेश से निर्यात और बढ़ेगा।
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2027 तक 30 हजार करोड़ निर्यात का लक्ष्य
प्रदेश में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने निर्यात नीति-2021 लागू कर दी है। नीति में निर्यातकों को प्रोत्साहन के तौर सहायता और सुविधाएं दी गई हैं। सरकार ने आगामी पांच सालों में निर्यात को बढ़ाकर 30 हजार करोड़ करने का लक्ष्य रखा है। नीति में एग्रो, पर्यटन, वेलनेस एवं आयुष, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, फार्मा, ऑटो मोबाइल, शिक्षा सेवा पर फोकस किया गया।
प्रदेश से वर्षवार निर्यात की स्थिति (धनराशि करोड़ में)
| सेक्टर |
2017-18 |
2018-19 |
2019-20 |
2020-21 |
2021-22 |
| फार्मा |
903.59 |
1160.66 |
1228.03 |
1719.27 |
1521.08 |
| आटोमोबाइल |
1089.28 |
1583.82 |
1265.96 |
1223.45 |
759.84 |
| प्लास्टिक |
830.26 |
976.44 |
950.69 |
968.92 |
1014.63 |
| एग्रो |
148.27 |
151.95 |
245.5 |
358.72 |
178.65 |