बता दें कि सत्ता की कमान संभालने के दिन से ही धामी अलग-अलग मोर्चों पर अलग-अलग चुनौतियों का सामना करते आए हैं। रैंणी हादसा, आयोगों की भर्तियों में भ्रष्टाचार, धर्मांतरण, अंकिता हत्याकांड, जोशीमठ भू धंसाव सरीखी चुनौतियों ने धामी के नेतृत्व कौशल की परीक्षा ली। साथ-साथ धामी सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के खिलाफ अभियान चलाए और कानून बनाने की दिशा में कड़े कदम उठाए।
समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर सबकी निगाहें उन पर लगी हैं। इन तमाम चुनौतियों और पहल के बीच धामी सरकार ने उत्तराखंड को 2025 तक अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया। इसको पूरा करने के लिए शनिवार को वैश्विक निवेशक सम्मेलन हुआ। इसमें शाह ने धामी के नेतृत्व में पूरी प्रशासनिक टीम की भी खुलकर तारीफ की।