इस बार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई जमकर बर्फबारी से बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा के संचालन में बर्फ से पार पाने की चुनौती भी बनी रहेगी। बदरीनाथ धाम परिसर से लेकर रड़ांग बैंड तक बर्फ की मोटी चादर बिछी है।
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- फोटो : अमर उजाला
रड़ांग बैंड से देश के अंतिम गांव माणा तक पांच हिमखंड हाईवे पर पसरे हैं। बदरीनाथ धाम में विजय लक्ष्मी चौक से धाम परिसर तक आस्था पथ पर छह फीट बर्फ जमी है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने रड़ांग बैंड 20 से 25 फीट के हिमखंड काटकर हाईवे खोलने का काम शुरू कर दिया है।
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बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा 30 अप्रैल से शुरू होगी। इसको देखते हुए बीआरओ हाईवे खोलने में जुटा हुआ है। इस बार बदरीनाथ हाईवे पर रड़ांग बैंड से देश के अंतिम गांव माणा और बदरीनाथ धाम तक कई फीट बर्फ जमी है।
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बदरीनाथ धाम के परिक्रमा स्थल के चारों ओर लगभग बीस फीट तक बर्फ जमी है। धाम परिसर भी बर्फ से ढका है। बदरीनाथ बस टर्मिनल, टैक्सी स्टेंड, धर्मशाला, माणा गांव, शेषनाग दर्शनी और कंचन गंगा क्षेत्र में भारी मात्रा में बर्फ जमी है।
बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल का कहना है कि हाईवे खोलने का काम जारी है। रड़ांग बैंड तक हाईवे को सुचारू कर लिया गया है। यहां माणा गांव तक अभी भी हाईवे पर बड़े-बड़े हिमखंड पसरे हुए हैं। हिमखंडों को काटकर हाईवे सुचारू किया जा रहा है।