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देश को दुश्मनों से बचाएंगी उत्तराखंड की ये जांबाज बेटियां

Sun, 15 Mar 2015 12:46 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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शिक्षा से लेकर बॉलीवुड के क्षेत्र में अपना परचम लहराने के बाद अब उत्तराखंड की बेटियां दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए तैयार हैं।
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पति की शहादत के बाद टूटे विपत्तियों के पहाड़ से पार पाते हुए देहरादून की एक और बेटी सेना में अधिकारी बन गई है। मूल रूप से बरेली की रहने वाली इस बहादुर बेटी का नाम है रुचि वर्मा।

शनिवार को आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी(ओटीए) चेन्नई से पास आउट होकर रुचि का लेफ्टिनेंट बनना आकर्षण का केंद्र रहा। एक छोटे बेटे की जिम्मेदारी के बावजूद रुचि ने सफलतापूर्वक अपनी मंजिल हासिल की है।
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अप्रैल 2013 में नॉर्थ ईस्ट में हुई आतंकी मुठभेड़ में 19 डोगरा रेजीमेंट में तैनात रुचि के पति मेजर विनीत वर्मा शहीद हो गए थे। यह खबर पूरे परिवार के लिए बहुत बड़ा सदमा था। अब करीब चार साल के बेटे अक्षत और सास ससुर की जिम्मेदारी भी रुचि पर थी। काफी सोचने और समझने के बाद रुचि ने सेना में जाने का फैसला लिया।

राह मुश्किल थी लेकिन रुचि का इरादा पक्का था। रुचि ने मासूम बच्चे को सास-ससुर के पास छोड़कर गत वर्ष सेना के विशेष कोटे से ओटीए चेन्नई में एंट्री पाई। उन्होंने बताया कि कई बार हालात बेहद मुश्किल हो जाते थे लेकिन उन्होंने तय कर लिया था कि वह पीछे नहीं हटेंगी।

पति से मिली प्रेरणा

रुचि पति की शहादत को ही प्रेरणा बनाकर मंजिल की ओर कदम बढ़ाती गईं। शनिवार को हुई पीओपी में रुचि वर्मा लेफ्टिनेंट बनकर पासआउट हुई। आपको बता दें कि इससे पहले गत वर्ष राजपूत रेजीमेंट में तैनात शहीद नायक अमित शर्मा की पत्नी दून निवासी प्रिया सेमवाल भी ओटीए चेन्नई से पासआउट होकर सेना में अधिकारी बनी थीं।

पेंशन के बजाय देश सेवा का फैसला
फोन पर बातचीत में लेफ्टिनेंट रुचि वर्मा ने बताया कि उनके पति पहले बीरपुर में भी तैनात रहे हैं। उनका परिवार बीरपुर में ही रह रहा है।

ले. रुचि का कहना है कि सेना के माहौल और पति की शहादत ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी थी। उन्होंने पेंशन के बजाय खुद सेना में जाकर देश सेवा करने का फैसला किया था।

पति की यादें बनीं प्रेरणा
शादी के बाद रुचि ने पति मेजर विनीत वर्मा की बहादुरी के कई किस्से सुने थे। जब वह ओटीए चेन्नई गईं तो वहां प्रशिक्षण के दौरान कई बार पति के बताए किस्से याद आते थे। पति को याद कर रुचि की आंखें तो नम होती थीं, लेकिन यही यादें उनके लिए प्रेरणा बनी।

दून की ऐश्वर्या बिष्ट बनी सेना में अधिकारी

दूसरी ओर देहरादून की एक और बेटी सेना में अधिकारी बन गई है। चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में 49 सप्ताह के कड़े प्रशिक्षण के बाद ऐश्वर्या बिष्ट सेना का हिस्सा बन गईं।

शनिवार को हुई ओटीए की पासिंग आउट परेड से 140 पुरुष और 39 महिला कैडेट्स पासआउट हुए। ऐश्वर्या गत वर्ष कंबाइंड डिफेंस सर्विस (सीडीएस) परीक्षा की टॉपर रही थीं।

मूलरूप से रानीपोखरी और दून में लक्ष्मी रोड डालनवाला निवासी ऐश्वर्या ने दिल्ली के सेंट पॉल्स एकेडमी से 10वीं, 12वीं करने के बाद दिल्ली विवि के हिंदू कालेज से बीएससी केमिस्ट्री ऑनर्स पास किया। इसके बाद उन्होंने फरवरी 2013 में सीडीएस की परीक्षा दी। पहले ही प्रयास में वह शॉर्टलिस्ट हो गईं।

दिसंबर 2013 में इलाहाबाद में एसएसबी होने के बाद हाल ही में अंतिम चयन सूची जारी हुई। इसमें ऐश्वर्या को संघ लोक सेवा आयोग(यूपीएससी) ने प्रथम स्थान दिया था। अमर उजाला से खास बातचीत में ऐश्वर्या ने बताया कि उनके नाना सीमा सुरक्षा बल में सैनिक थे।

जब उनकी नातिन सेना में अधिकारी बन गई है तो उनके लिए यह बेहद गर्व की बात है। ऐश्वर्या के पिता सुनील बिष्ट और मां मीना बिष्ट पासिंग ऑउट परेड में शामिल हुए और बेटी को बैज लगाकर गौरवपूर्ण पलों के साक्षी बने।
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आसान नहीं थी राह

ऐश्वर्या ने बताया कि सेना में चयन तो आसान रहा, लेकिन प्रशिक्षण मुश्किल था। प्रशिक्षण के दौरान कई मुश्किलें आईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। ऐश्वर्या का कहना है कि वे यह ठान कर एकेडमी गई थीं कि यहां से अधिकारी बन कर ही बाहर निकलना है। मुश्किल वक्त में यही संकल्प उनके लिए प्रेरणा बना रहा।

ऐश्वर्या के पिता सुनील बिष्ट शेयर कारोबारी हैं जबकि मां मीना बिष्ट गृहिणी है। छोटा भाई अनुभव बिष्ट 10वीं की पढ़ाई कर रहा है। मां मीना बिष्ट ने कहा कि उनकी अकेली बेटी है लेकिन सेना में जाने के उसके जज्बे को उन्होंने हमेशा सपोर्ट किया है। उसी का नतीजा है कि उनकी बेटी ने उनका नाम रोशन किया है।

सेना की ओर बढ़ रहा बेटियों का रुझान
बीते पांच सालों में देखें तो सेना के प्रति युवतियों में भी अलग क्रेज देखने को मिला है। बीएसएफ से लेकर सेना तक दून की बेटियों ने झंडा बुलंद कर दिया है। मई 2012 में दून की ममता ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की पासिंग आउट परेड में 337 जांबाजों को लीड कर एक नया इतिहास रचा था।

इसके बाद वर्ष 2013 में दून निवासी शहीद नायक अमित शर्मा की पत्नी प्रिया सेमवाल ओटीए चेन्नई से पासआउट होकर देशभर में नाम रोशन किया। हर साल कम से कम एक बेटी का ओटीए चेन्नई से पासआउट होना बेटियों में सेना के प्रति बढ़ते रुझान की ओर इशारा करता है।
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