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उत्तराखंड: सीमांत गांव की बेटी ने लद्दाख की सबसे दुर्गम चोटी माउंट गोलप कांगड़ी पर फहराया तिरंगा

Sat, 05 Oct 2019 08:56 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खटीमा
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प्रीति पोखरिया - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड में सीमांत क्षेत्र की बेटी प्रीति पोखरिया ने लद्दाख के माउंट गोलप कांगड़ी की 19,500 फीट के ऊंचे शिखर को फतह कर क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया। चोटी फतह करने के लिए श्रीनगर पहुंची प्रीती और उनके दल के साथ कुछ लोगों ने अनुच्छेद 370 खत्म करने के विरोध में अभद्रता करने की भी कोशिश की।

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हालांकि सेना ने उपद्रवियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए पर्वतारोही दल को सुरक्षित कैंप के लिए रवाना किया। विकट परिस्थिति में प्रीती ने चोटी फतह कर साबित करके दिखा दिया है कि लड़कियां भी युवाओं से किसी मामले में कम नहीं हैं। प्रीती का लक्ष्य विश्व के सात ऊंचे शिखरों को फतह करना है। 

 नगर खेतलसण्डा निवासी पूर्व सैनिक लक्ष्मण सिंह पोखरिया की पुत्री प्रीति पोखरिया एमएससी माइक्रोबायोलॉजी करने के बाद दिल्ली में नौकरी करती हैं। पिता दार्जलिंग में स्ट्रेक्टर थे। पिता का ट्रांसफर होने की वजह से प्रीती उनके साथ ही रहीं।
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भाई दीपक पोखरिया भी कुमाऊं मंडल विकास निगम में रॉफ्टिंग ट्रेनर हैं। भाई के साहसिक खेलों से प्रभावित प्रीति ने जम्मू कश्मीर में माउंटेनिंग का कोर्स किया। 28 अगस्त को वह चोटी फतह करने के लिए श्रीनगर रोड में उतरी तो उनके दल के साथ अभद्रता की कोशिश भी हुईं, लेकिन वहां तैनात सैनिकों ने उन्हें बस के जरिए सुरक्षित मार्ग से रवाना किया।

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प्रीति ने अपने 42 सदस्यीय दल के साथ सोन मार्ग और द्रास सेक्टर से पहले गुमरी में 24 दिन की ट्रेनिंग करने के बाद दल को दो चोटी चढ़ने के विकल्प दिए, जिसमें माउंट स्टॉक कांगड़ी और दूसरा माउंट गोलेप कांगड़ी था।

दल में शामिल नौ लड़कियों में प्रीति पोखरिया भी शामिल थीं। प्रीति अपने दल के साथ माउंट गोलप कांगड़ी को चुन कर चोटी फतह करने निकल पड़ीं। दल की नौ लड़कियों में चोटी फतह करने वाली तीन में प्रीति सबसे पहले इस चोटी को फतह करने वाली थीं।

मालूम हो कि प्रीति के पिता लक्ष्मण सिंह पोखरिया मूलरूप से पिथौरागढ़ जिले के भागीचौरा गांव के रहने वाले थे। जो 23 वर्ष पूर्व खेतलसण्डा खाम खटीमा में बस गए हैं। प्रीति के पिता नौ कुमाऊं रेजीमेंट से कैप्टन रैंक से सेवानिवृत्त हुए हैं। प्रीति के दादा स्व. राम सिंह आसाम राइफल थे और भाभी हिमानी स्वास्थ्य विभाग में एएनएम हैं। प्रीती ने प्राथमिक शिक्षा से लेकर बीएससी खटीमा से किया और एमएससी देहरादून से किया है।
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