गरिमा जोशी की माता आशा जोशी भी कैंसर से जूझ रही हैं। सफदरजंग अस्पताल के कैंसर वार्ड में उनका उपचार चल रहा है। पिता पूरन जोशी का आरोप है कि सरकार ने मां और बेटी दोनों का खर्च वहन करने का आश्वासन दिया था लेकिन अब वह अपने वायदे से मुकर गई है। वह स्वयं बेरोजगार हैं। इन हालातों में कैसे मां-बेटी का उपचार कराएं।
प्रदेश सरकार ने गरिमा के उपचार का खर्च उठाने का आश्वासन दिया था। पूरन जोशी का आरोप है कि सरकार ने 13.10 लाख रुपये देकर अब आगे के उपचार के लिए हाथ खड़े कर दिए हैं, जबकि गरिमा अब भी व्हील चेयर के सहारे है। अभी उसके उपचार में काफी धन खर्च होना है। सरकार ने यदि पूरा उपचार नहीं करना था तो कोरे वायदे नहीं करने चाहिए थे। इस मामले में न तो मुख्यमंत्री सुनने को राजी हैं और न मंत्री।