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Dehradun News: उत्तराखंड को आपदा मानकों में मिले विशेष छूट

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-केंद्रीय योजनाओं की तर्ज पर राज्य योजना के लिए खत्म हो गैर वन भूमि प्रमाण पत्र की अनिवार्यता
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-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने का आग्रह
-छत्तीसगढ़ के रायपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उत्तराखंड ने उठाए 13 मुद्दे
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17वीं बैठक में उत्तराखंड ने आपदा मानकों में छूट, केंद्रीय योजनाओं की तर्ज पर राज्य योजना के लिए गैर वन भूमि प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को खत्म, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने समेत 13 मुद्दों को उठाया।
बैठक में उत्तराखंड की ओर से प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु ने राज्य के मुद्दों को उठाया। केंद्र सरकार का राज्य के विषयों पर सकारात्मक रुख रहा। प्रमुख सचिव ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदा मानकों में छूट देने का आग्रह किया। राज्य को हर साल प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ता है। आपदा से सरकारी व निजी चल-अचल संपत्तियों को भारी क्षति होती है। इसलिए पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के लिए आपदा मानकों में छूट दी जाए। केंद्रीय योजनाओं के लिए गैर वन भूमि प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती है। इसी तर्ज पर राज्य योजनाओं के लिए प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।
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उत्तराखंड राज्य की सीमाएं चीन व नेपाल से लगती है। सामरिक महत्व को देखते हुए रेल, सड़क व अन्य योजनाओं में लाभ को न देखा जाए। इसके लिए अलग से नीति बनाई जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को केंद्र सरकार की ओर से 4500 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाता है। जबकि राज्य सरकार 4800 रुपये अतिरिक्त मानदेय देती है। केंद्र सरकार से मिलने वाले मानदेय में बढ़ोतरी की जाए। इसेक अलावा टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन, मेरठ-ऋषिकेश आरआरटीएस विस्तार का मुद्दा भी उठाया।
बैठक में उत्तराखंड ने निवेश आपूर्ति श्रृंखला योजना, डिजिटल शिक्षा प्रबंधन प्रणाली,जल संवर्द्धन व संरक्षण के लिए नदियों व झरना के पुनर्जीवन में सर्वोच्च अभ्यास का प्रस्तुतिकरण दिकया। बैठक में सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव सामान्य प्रशासन राजेंद्र कुमार, विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, विशेष सचिव, पराग मधुकर धकाते मौजूद रहे।
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योजनाओं को मिलेगी गति : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करने और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने का प्रभावी मंच है। उत्तराखंड ने बैठक में विकास, आधारभूत संरचना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ रखा है। परिषद के माध्यम से प्राप्त सहमति और सुझावों के आधार पर राज्य में योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। केंद्र व राज्यों के बीच सहयोगात्मक दृष्टिकोण से नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया को गति मिलती है, जिसका सीधा लाभ जनता को मिलता है।
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राज्य के इन मुद्दों पर चर्चा
बैठक में विकास योजनाओं, ई-गवर्नेंस एप्लीकेशन में लोकल गवर्नमेंट डायरेक्टरी को मानक लोकेशन कोड के रूप में अपनाने, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम, पीएम-यशस्वी योजना, राज्य स्तर पर कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम की स्थापना, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर अपराध, केंद्रीय विद्यालयों के लिए भूमि उपलब्धता, आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलों के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वित्तीय सहायता देने समेत अन्य विषयों पर चर्चा की गई।
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