पूर्व सीएम हरीश रावत ने शुक्रवार को नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आंदोलनरत ग्रामीणों और प्रदेश में माल्टा उत्पादकों के समर्थन में एक घंटे का उपवास रखा। उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र कुमार ने भी मौन उपवास में भाग लिया।
उपवास के समापन के बाद उन्होंने कहा कि नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार सड़क चौड़ीकरण से क्यों बचना चाह रही है, यह समझ से परे है।
वहीं, औरिंग गांव के काश्तकार मालटों के पेड़ के काटन के लिए शासन से अनुमति मांग रहे हैं, लेकिन एमएसपी इतनी कम है कि खरीद केंद्र तक ले जाने के लिए ढुलाई तक नहीं निकल पा रही। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगे पूरी नहीं की तो वो फरवरी में सचिवालय या फिर सीएम आवास पर उपवास करेंगे।
कांग्रेस में हरीश रावत से बड़ा कोई चेहरा नहीं: कुंजवाल
कांग्रेस में चुनाव में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर एक बार फिर बयानबाजी शुरू हुई है। पूर्व विधानसभ अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दोहराया है कि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ही मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित होंगे। उन्हें कोई नकार नहीं सकता। हरीश रावत को आम जनता, बेरोजगार समेत अन्य लोग भी चाह रहे हैं।
कुंजवाल ने बृहस्पतिवार को एक बैंक्वेट हॉल में पूर्व सीएम हरीश रावत पर बने गीत हरदा हमारा आला दोबारा गीत को लांच किया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्रीय नेतृत्व रावत को ही मुख्यमंत्री बनाने को लेकर निर्णय करेगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बुधवार को बयान दिया है कि केंद्रीय नेतृत्व अगर हरीश रावत को चेहरा बनाते हैं तो कोई आपत्ति नहीं होगी। कुंजवाल के अनुसार हरीश रावत के बिना इस प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकती है। वह केंद्रीय नेतृत्व में नीतिगत फैसला करने वाली कमेटी के सदस्य भी हैं।