2017 में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने इस कानून को लागू नहीं किया। सरकार की ओर से बिना किसी वैकल्पिक व अधिग्रहण की प्रक्रिया को अपनाए मलिन बस्तियों में लोगों के घरों पर निशान लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता 2017 के बाद मलिन बस्तियों में लोगों को बसाया है।
हरीश रावत ने कहा कि पंचायतों में प्रशासक थोप कर भाजपा सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था का हरण किया है। आज पंचायतों में सांविधानिक संकट खड़ा हो गया है। यह गंभीर मामला है। इस सांविधानिक चूक के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाना चाहिए। जिससे भविष्य के लिए एक नजीर बन सके। इस मौके पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र अग्रवाल, मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी समेत अन्य नेता मौजूद रहे।