पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की यह प्रतिक्रिया पार्टी के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की प्रतिक्रिया के बाद आया। दून पहुंचे प्रदेश प्रभारी ने पूछे जाने पर साफ कहा था कि पार्टी में चुनाव पूर्व चेहरा घोषित करने की परंपरा नहीं है। चुनाव सामुहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा।
कांग्रेस की सियासत में अंदरखाने तूूफान
पूर्व मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद कांग्रेस की अंदरूनी सियासत भी गरमा गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह गढ़वाल दौरे पर हैं और उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने पूछे जाने पर कहा कि प्रदेश प्रभारी इस मामले को पूरी तरह से स्पष्ट कर चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भी खुलकर कुछ बोलना मुनासिब नहीं समझा।
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं। राहुल गांधी भी पार्टी मामलों को देखते हैं। उनकी ओर से जो भी निर्देेश होगा माना जाएगा। इस मामले में हमारा कुछ कहना ठीक नहीं है।
-इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सर्वमान्य नेता हैं। वे कुछ कह रहे हैं तो सोच समझकर ही कह रहे होंगे। उनकी बात को तवज्जो दी जानी चाहिए।
करन माहरा, उप नेता, कांग्रेस विधायक दल
हरीश रावत हमारे वरिष्ठतम नेता है। उनका आशीर्वाद कांग्रेस को हमेशा चाहिए। प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रतिनिधि हैं। दो दिन पहले ही वे साफ कह चुके है कि सामूहिक नेतृत्व मेें चुनाव लड़ा जाएगा। पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावना है कि कांग्रेस सत्ता में आए। चुनाव के बाद मुख्यमंत्री घोषित किया जाएगा।
सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तराखंड
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रदेश के स्थापित नेता हैं। उनकी मंशा यही है कि प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में वापसी करे। खुद कांग्रेस कह रही है कि हरीश रावत की चुनावी रणनीति स्वीकार की जाएगी। हरीश रावत अब चुनाव की रणनीति की बात ही तो कह रहे हैं।
-सुरेंद्र अग्रवाल, मुख्य प्रवक्ता, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत