उत्तराखंड में सोमवार को बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। देहरादून और कोटद्वार क्षेत्र में मिले मृत पक्षियों के सैंपलों की जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जिसके बाद वन विभाग ने पूरे प्रदेश में रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
लोगों से अपील की गई है कि कहीं भी पक्षी मृत मिलने पर न तो उसे छुएं और न ही उसे दफन करने या जलाने की कोशिश करें, बल्कि वन विभाग को इसकी जानकारी दें। वन विभाग की टीम ही मृत्त पक्षी का सैंपल लेगी और उसे जगह से हटाएगी। उत्तराखंड में अभी तक करीब 700 पक्षी मृत मिल चुके हैं।
प्रमुख सचिव वन आनंद वर्द्धन ने प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामले मिलने की पुष्टि की है। बताया कि पशु पालन विभाग इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी करेगा। वहीं, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) राजीव भरतरी ने बताया कि प्रदेश के स्तर पर अपर प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह तय कर दिया गया है कि कुमाऊं और गढ़वाल मंडल वन संरक्षकों की ओर से हर दिन शाम छह बजे तक नोडल अधिकारी को जानकारी दी जाएगी।
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वनमंत्री हरक सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और शाम तक पूरे प्रदेश के सभी वन अधिकारियों को अलर्ट पर रहने का निर्देश जारी करने को कहा। प्रमुख वन संरक्षक की ओर से देर शाम तक आदेश जारी कर दिए गए थे।
जिला मुख्यालयों में बनेंगे नोडल अधिकारी, हेल्पलाइन नंबर जारी होंगे
वन मुख्यालय ने मंडल स्तर पर वन अधिकारियों से कहा है कि जिला मुख्यालय पर नोडल अधिकारी घोषित किए जाएं। इसके साथ ही हर जिले में हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए जाएंगे, जिससे लोगों को सूचना देने में आसानी होगी। वहीं, वन विभाग आपदा प्रबंधन का दूरभाष नंबर भी संचालित कर रहा है।
पोल्ट्री फार्मों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की दस्तक के साथ ही पशुपालन विभाग ने प्रदेश के सभी पोल्ट्री फार्मों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस संबंध में विभाग की ओर से सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं। पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू के लक्षण मिलने पर 30 दिनों तक मुर्गियों और अंडों की बिक्री नहीं की जाएगी।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.सुनील अवस्थी का कहना है कि मृत कौवों के सैंपल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। लेकिन अभी तक प्रदेश में किसी भी पोल्ट्री फार्म पर बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं।
जिला स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीमें नियमित रूप से पोल्ट्री फार्म की निगरानी कर रही हैं और मुर्गियों की रैंडम सैपलिंग की जा रही है। बर्ड फ्लू संक्रमण की रोकथाम के लिए पोल्ट्री फार्म में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई है। बता दें कि प्रदेश में चार सौ से अधिक बड़े पोल्ट्री फार्म और लगभग 14 हजार छोटे पोल्ट्री फार्म चल रहे हैं।
वन विभाग की लोगों से अपील है कि मृत पक्षी को बिल्कुल न छुएं और वन विभाग को तत्काल जानकारी दें। सोशल मीडिया से लेकर अन्य माध्यमों के जरिये भी वन विभाग इस बात को लोगों तक पहुंचाएगा।
- हरक सिंह रावत, वन मंत्री उत्तराखंड