चयन आयोग का गठन 2014 में हुई है। आयोग ने पहली भर्ती परीक्षा वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) के 196 पदों की भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। जिससे कई उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। शासन स्तर पर गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट सरकार ने भर्ती परीक्षा को रद्द किया। वहीं हाईकोर्ट के आदेश पर चयन आयोग ने दोबारा से भर्ती परीक्षा कराई थी। जिसकी चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लेकिन पहले की परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर फॉरेंसिक रिपोर्ट आ गई है और बिजिलेंस मामले की जांच कर रही है।
दोबारा होगी जेई की भर्ती परीक्षा
आयोग ने दिसंबर 2017 में जेई इलेक्ट्रीशियन के 252 पदों की भर्ती परीक्षा की थी। 6 फरवरी 2018 को परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। लेकिन इस परीक्षा में रुड़की के एक कोचिंग सेंटर के 66 उम्मीदवार मेरिट में आ गए। इस पर आयोग ने जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से मामले की जांच कराई। मेरिट में आए उम्मीदवारों ने ओएमआर शीट में एक जैसे सवालों के सही और गलत उत्तर दिए थे। आयोग ने जेई परीक्षा को रद्द कर दोबारा से परीक्षा आयोजित करने के लिए हाईकोर्ट में पक्ष रखा है। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
फॉरेस्ट गार्ड भर्ती में नकल की आशंका पर आयोग की ओर से हरिद्वार व पौड़ी में केस दर्ज किया गया था। इससे पहले भी जेई भर्ती में एक ही कोचिंग सेंटर से 66 उम्मीदवारों के चयन पर आयोग ने ही नकल की आशंका जता कर जांच कराई थी। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती में एसआईटी की रिपोर्र आयोग को मिली है। इस पर आयोग शीघ्र ही निर्णय लेगा।
-संतोष बडोनी, सचिव चयन आयोग