मुकेश ने बताया कि परीक्षा से पहले उसे सेंटर के बाहर पेपर उपलब्ध करा दिया जाएगा। कपिल को उसने एक ब्लूटूथ डिवाइस दी है, ब्लूटूथ के जरिये वह पेपर साल्व करवा देगा। परीक्षा के दिन वह ज्वालापुर स्थित परीक्षा केंद्र के बाहर खड़ा था, लेकिन उसे कोई पेपर और ब्लूटूथ नहीं दिया गया। इस चक्कर में उसकी परीक्षा भी छूट गई। युवक ने छानबीन की तो पता चला कि उनका एक गिरोह है, जो युवाओं को फंसाकर ठगी करते हैं।
कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकेश सैनी निवासी ग्राम हरचंदपुर हाल निवासी गुरुकुल नारसन, कुलदीप राठी, गुरु वचन, हाकम सिंह जसोल निवासी उत्तरकाशी हाल निवासी ज्ञान आईएएस कोचिंग सेंटर, पंकज, अश्वनी, निवासी नारसन कलां, सुधीर और अशोक निवासी ग्राम बूढ़पुर जट्ट के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि हाकम कोचिंग सेंटर का मालिक है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि मुकेश सैनी के खिलाफ वर्ष 2016 में एसएससी की परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराने मामले में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में केस दर्ज हुआ था। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस को उस दौरान मुकेश के पास से एक बनियान बरामद हुआ था, जिसमें डिवाइस फिट की गई थी।
इसे पहनकर अभ्यर्थी परीक्षा भवन में बैठकर आसानी से नकल कर सकता था। उसके पास से भारी मात्रा में नकदी भी बरामद हुई थी। एक कार को भी पुलिस ने सीज किया था। कार पर फर्जी तरीके से सचिवालय प्रशासन के नाम की नेम प्लेट लगी थी। 2018 में भी मुकेश के खिलाफ एलटी की परीक्षा के पेपर लीक कराने के लिए पैसे लेने पर केस दर्ज हुआ था।