साथ ही वन कर्मियों की सुरक्षा और वनाग्नि नियंत्रण के काम में आने वाले औजारों को बेहतर, हल्के और अधिक प्रभावी बनाने के लिए काम भी शुरू किया गया। इसमें फायर सूट, हेलमेट, मोजे, फायर फाइटिंग बूट,गल्बस को डीआरडीओ की संस्था अग्नि विस्फोटक एवं पर्यावरण सुरक्षा केंद्र (सीएफईईएस) की सहायता ली गई।
वन संवर्द्धन एवं प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी डॉ. अमित कुमार वर्मा कहते हैं कि सीएफईईएस ने फायर सूट को तैयार किया है, जो कि हीट इंजरी से बचाव में मदद करेगा। जो जूता तैयार किया गया है उस पर ज्यादा तापमान का भी प्रभाव नहीं पड़ता है। इस सूट को तैयार करने के दौरान वन महकमे के सहयोग से वर्ष-2024 के वनाग्नि काल में नैनीताल वन प्रभाग में ट्रायल किया गया। इसमें वन कर्मियों ने सुधार का सुझाव दिया, उसके अनुसार आवश्यक बदलाव भी किया गया।