मुख्यमंत्री ने कहा कि 'वनों की आग से न सिर्फ वन सम्पदा की हानि हो रही है, बल्कि जन हानि और वन्य जीवों को भी नुकसान हो रहा है। वनाग्नि की घटनाओं की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों, वन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और सभी जिलाधिकारियों की आपात कालीन मीटिंग बुलायी है।'
कहा कि उत्तराखंड की वन सम्पदा सिर्फ़ राज्य ही नहीं पूरे देश की धरोहर है। हम इसे सुरक्षित और संरक्षित रखने के लिए कृत संकल्प हैं। उत्तराखंड में इस बार जाड़ों में वर्षा सामान्य से भी कम हुई है और इस कारण भी वनों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।