फायर वॉचर की नियमावली भी नहीं बन पाई
प्रदेेश में हर साल करीब तीन हजार हेक्टेयर से अधिक जंगल जल जाता है। ऐसे में जंगल की आग बुझाने के लिए हर साल वन विभाग की ओर से फॉयर वाचर की नियुक्ति की जाती है। जिन्हें इसकी एवज में एक निश्चित भुगतान किया जाता है। नियमावली नहीं होने से भुगतान में कई तरह की दिक्कतें भी आती हैं। इसलिए इस बार विभाग की ओर से नियमावली बनाकर फायर वॉचरों की तैनाती की जानी हैं, लेकिन नियमावली ही अब तक नहीं बन पाई है।
जंगलों को आग से बचाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर समितियां बनाकर उन्हें प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस संबंध में शासन से शीघ्र प्रस्ताव पास कर अनुमोदन के लिए भेजे जाने के बाबत प्रमुख वन संरक्षक के स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है। फायर वॉचरों की तैनाती के लिए भी नियमावली बनाने का काम किया जा रहा है।
- निशांत वर्मा, सीसीएफ, वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन