इन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
10 सस्पेंड : वन दरोगा, मनोज उनियाल, (केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग, गोपेश्वर), बद्री सिंह चिलवाल, (नैनीताल प्रभाग), हरीश सिंह मेहरा, (केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग) और प्रहलाद सिंह गोनिया (सिविल सोयम, अल्मोड़ा) वन आरक्षी रवींद्र सिंह और विनय कुमार छिंद्रे (लैंसडौन प्रभाग), कृपाल गिरी गोस्वामी व शंकर सिंह (चंपावत वन प्रभाग), सूरत सिंह रावत, वाहन चालक (उत्तरकाशी वन प्रभाग), प्रमोद कुमार रतूड़ी का. सहायक (टिहरी वन प्रभाग)
02 कारण बताओ नोटिस : वन क्षेत्राधिकारी विपिन चंद्र जोशी (लैंसडौन वन प्रभाग और प्रदीप कुमार गौड़ (केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग)।
04 संबद्ध : वन क्षेत्राधिकारी गोपाल दत्त जोशी (अल्मोड़ा वन प्रभाग), वन दरोगा पूरनचंद्र आर्या और संदीप सूठा, वन आरक्षी महेश चंद्र आर्या (तराई पूर्वी वन प्रभाग) और नरेंद्र सिंह बिष्ट (सिविल सोयम अल्मोड़ा)
पिरूल एकत्रीकरण के लिए प्रभावी योजना बनाएं
जंगल की आग प्रमुख कारणों में एक पिरूल को हटाने के लिए मुख्यमंत्री ने उसके एकत्रीकरण की एक प्रभावी योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों वनाग्नि पर प्रभावी रोकथाम के लिए जन सहयोग लेने को कहा। उन्होंने आग बुझाने के लिए रिस्पांस टाइम कम से कम करने, पिरूल संग्रहण केंद्र बनाने, इसमें सहकारिता विभाग का सहयोग लेने, पिरूल एकत्रीकरण की धनराशि बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
मानसून से पूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित कर लें
आगामी मानसून सीजन की तैयारियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून से पहले नालियों की सफाई, ड्रेजिंग और चैनलाईजेशन का कार्य पूरा हो जाए। नदी किनारे सुरक्षा दीवारों के निर्माण और मरम्मत के कार्य समय पर पूरे हों। सभी पुराने पुलों का सेफ्टी ऑडिट किया जाए। बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में वैली ब्रिज की पूर्ण व्यवस्था हो। राज्य के सभी बांधों की गहराई और क्षेत्रफल की वर्तमान स्थिति जानने के लिए संबंधित विभागों की एक कोर्डिनेशन कमेटी बनाई जाए। यह भी आंकलन किया जाए कि बांध के बनने से वर्तमान समय तक उसकी गहराई और क्षेत्रफल की स्थिति क्या है?
प्रो एक्टिव एप्रोच से काम करें अधिकारी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून सीजन शुरू होने से पहले डेंगू, मलेरिया और अन्य जल जनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता के साथ ही पूरी तैयारी की जाए। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। आपदा के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग की रैपिड एक्शन टीम तैयार रहे। जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रो-एक्टिव एप्रोच के साथ कार्य करें। पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जहां पेयजल की समस्या है वहां टैंकर और खच्चर से पीने के पानी की आपूर्ति की जाए।
एसएमएस से मिले मौसम की जानकारी
सीएम निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के दौरान मौसम की जानकारी से संबंधित अलर्ट एसएमएस के माध्यम से लोगों को मिलें। चारधाम और मौसम से संबंधित अन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए सूचना तंत्र को मजबूत बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के दृष्टिगत संवदनशील स्थलों और चारधाम यात्रा मार्गों पर जेसीबी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।