वन विभाग में 92 वन रक्षकों को वन दरोगा पद पर पदोन्नत किया गया है। विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के बाद प्रमुख वन संरक्षक (मानव संसाधन) ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
दो महीने पहले वन रक्षकों ने वन दरोगा के पद पर सीधी भर्ती का विरोध करते हुए आंदोलन किया था। इसके अलावा उन्होंने पदोन्नति नियमों को शिथिल करने की मांग की थी। वन मंत्री के आश्वासन के बाद ये आंदोलन खत्म हुआ था। अब वन मुख्यालय ने वन रक्षकों को पदोन्नति का तोहफा दिया है।
विभिन्न प्रभागों में कार्यरत 92 वन रक्षकों को वन दरोगा पद की जिम्मेदारी दी गई है। सबसे ज्यादा प्रमोशन गढ़वाल वन प्रभाग और तराई पश्चिम वन प्रभाग में हुए हैं। इन प्रभागों में छह-छह वन रक्षक पदोन्नत हुए हैं। इसके बाद राजाजी नेशनल पार्क में पांच वन रक्षकों को प्रमोशन दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जुलाई में फिर विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक होगी, इसमें नए कर्मियों के पदोन्नति को लेकर विचार-विमर्श होगा।
प्रमुख वन संरक्षक (मानव संसाधन) मोनिष मल्लिक के अनुसार जिन वन रक्षकों को पदोन्नत किया गया है, उनको नई व्यवस्था होने तक पूर्व स्थल पर ही कार्य करने का निर्देश दिया गया है। जब नए वन रक्षक आ जाएंगे, तो पदोन्नत हुए वन दरोगाओं को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इसके अलावा एक वन रक्षक ने प्रशिक्षण संबंधी अर्हता पूरी नहीं की थी, उसे अर्हता पूरी करने के बाद ही पदोन्नति का लाभ दिए जाने का आदेश जारी किया गया है।