जयहरीखाल महाविद्यालय परिसर तक पहुंची आग
लैंसडौन वन प्रभाग के सिविल व आरक्षित वन क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बृहस्पतिवार को पौड़ी नेशनल हाईवे से सटे लैंसडौन रेंज के जंगल की आग पीजी काॅलेज जयहरीखाल के परिसर तक जा पहुंची। धुएं के गुबार से महाविद्यालय में वार्षिक परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों एवं बीएड कक्षाओं में अध्ययन कर छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। चारों ओर फैले धुएं से आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों का सांस लेना तक दूभर हो गया। पौड़ी नेशनल हाईवे पर वाहनों से आवाजाही कर रहे लोग भी इससे प्रभावित हुए। उधर, दुगड्डा-धुमाकोट मार्ग पर गोदी गांव से सटे दुगड्डा रेंज के जंगल में भी आग भड़क उठी। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बृहस्पतिवार को एक बार फिर पौड़ी नेशनल हाईवे पर पीजी कॉलेज जयहरीखाल से सटे भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडौन के सिविल वन क्षेत्र में सुबह 11:00 बजे के करीब आग भड़क गई। देखते ही देखते आग ने महाविद्यालय परिसर से सटे क्षेत्र को अपने आगोश में ले लिया। आग महाविद्यालय प्रांगण, बीएड संकाय एवं प्रशासनिक भवन परिसर के पास तक पहुंच गई। धुएं के गुबार से महाविद्यालय में वार्षिक परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों एवं बीएड कक्षाओं में अध्ययन कर रहे छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. एलआर राजवंशी एवं अन्य कर्मचारी भी वन कर्मियों के साथ आग बुझाने के लिए उतर गए। धुएं के कारण आसपास के गांवों के ग्रामीणों, राहगीरों और एनएच से वाहनों आवाजाही कर रहे लोगों को भी परेशान होना पड़ा। आग से महाविद्यालय परिसर एवं हटनिया के आसपास कई हेक्टेयर वन संपदा जलकर खाक हो गई। रेंजर बीडी जोशी ने बताया कि अब तक सात-आठ बार इस क्षेत्र में आग लग चुकी है। इसके अलावा राजखिल कुल्हाड़ के समीप भी नापखेत में आग लगी हुई थी। दोनों जगह स्टॉफ को मौके पर भेजकर आग पर काबू पा लिया गया है।
उधर, दुगड्डा धुमाकोट मार्ग पर गोदी गांव से सटे दुगड्डा रेंज के जंगल में बुधवार शाम 7:00 बजे के करीब आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे क्षेत्र को अपने आगोश में ले लिया। धुएं के कारण मार्ग से आवाजाही कर रहे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद रात 3:00 बजे आग पर काबू पाया। रेंजर प्रमोद डोबरियाल ने बताया कि गोदी गांव के समीप जंगल में आग लगने की सूचना मिली थी, जिस पर स्टाफ को मौके पर भेजा गया था। उन्होंने बताया कि आग से बड़े पेड़ों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। जमीन में उगी घास और सूखे पत्ते जले हैं।