आपदा ने उत्तराखंड राज्य का विकास रोक दिया है। आपदा से राज्य को कई करोड़ रुपए की चपत लग चुकी है।
अतिवृष्टि और भूस्खलन से डेढ़ माह में पौड़ी जनपद को करीब 25 करोड़ की चपत लग चुकी है। सड़कें क्षतिग्रस्त होने से 18 करोड़ और 32 पेयजल योजनाएं और स्कूलों के क्षतिग्रस्त होने से करीब दो-दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सिंचाई गूलें क्षतिग्रस्त होने से करीब तीन करोड़ की क्षति पहुंची है।
इसके अलावा 41 मकान क्षतिग्रस्त एवं दो पूरी तरह जमीदोंज हुए हैं। जिले के 12 स्टेट हाईवे क्षतिग्रस्त होने से 508 किमी क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसको दुरुस्त करने के लिए एक करोड़ 94 लाख 51 हजार की जरूरत है। क्षतिग्रस्त 13 मुख्य और संपर्क मार्गों को फिर से यातायात लायक बनाने के लिए दो करोड़ 41 लाख 81 हजार की जरूरत है। भूस्खलन की भेंट चढ़ चुके 136 ग्रामीण मार्गों को दुरुस्त करने के लिए नौ करोड़ पांच लाख 13 हजार रुपये चाहिए।
जिले में 32 पेयजल योजनाएं अतिवृष्टि से ध्वस्त हो चुकी हैं। इनके पुनर्निर्माण के लिए करीब दो करोड़ की आवश्यकता है। पौड़ी ब्लॉक में च्वीचा गांव के समीप दो एमएलडी योजना, छतकोट पंप हाउस और पौड़ी डोबरी पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हुई है। कोट ब्लॉक में कड़ाकोट पंपिंग योजना, कोट पेयजल योजना, धनचौड़ा, नकोट और खंदूलाल स्रोत क्षतिग्रस्त हुआ है। कल्जीखाल में थनुल डांगी, कलेथ पुंडारी, अगरोड़ा पंपिंग पेयजल योजना, बड़कोट दिऊसी चोपड़ी और सैनार पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हुई है।
खिर्सू में श्रीकोट पंप हाउस और श्रीनगर सीवर योजना क्षतिग्रस्त हुई है। थलीसैंण ब्लॉक में झल्लू कपरोली, ईडा नौगांव, ऐठी डोरिया, थलीसैंण कैन्यूर पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हुई है। बीरोंखाल में डांगू सिसई, लोदली भरपूर, बौराड, दरिया लग्गा और पाबौ में चपलोडी ग्राम समूह, नंदोखत खलधार, चूला बिडोली, पाली कलगड्डी, कुई और नौगांव कंडेरी पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हुई है। इसके अलावा पोखड़ा ब्लाक में चौबट्टाखाल, पोखड़ा, देवराड़ी, दलमाणा, जयकोटी घिरोली, कोला पाटल्यूं पेयजल योजनाएं अतिवृष्टि से ध्वस्त हो गई हैं।
प्रतिदिन दो बार शासन को नुकसान की रिपोर्ट की जा रही है। अभी आपदा काल का डेढ़ माह ही बीता है। करीब डेढ़ माह की समयावधि मानसून सत्र की शेष है। अब तक पेयजल योजनाओं, सड़कों, स्कूल भवनों समेत सार्वजनिक परिसंपत्तियों की करीब 25 करोड़ के नुकसान की रिपोर्ट की गई है।
- चंद्रशेखर भट्ट, जिलाधिकारी