उत्तराखंड में कांग्रेस छोड़कर नये नवेले भाजपाई बने हरक सिंह रावत पर महिला मित्रों से अंतरंग रिश्तों को लेकर लगे दाग अब भाजपा को झेलने होंगे।
हरक पर दुराचार का मुकदमा दर्ज होने से भाजपाई असहज भी नजर आ रहे हैं। हालांकि हरक के बचाव में अब तक भाजपा का कोई बड़ा नेता भी खुलकर सामने आने से बच रहा है। फिर भी जो संकेत मिल रहे हैं उससे यही लग रहा है कि भाजपा इसे सरकार की सियासी चाल बताते हुए हरक को बेदाग साबित करने की कोशिश पर मंथन में जुटी है।
हरक पर दुराचार के मुकदमे से 13 साल पहले प्रदेश की राजनीति में आए भूचाल की अब पार्ट टू जैसी स्थिति बन रही है। पार्ट टू के किरदार भी वही हैं और पटकथा भी लगभग पहले जैसी है। फर्क सिर्फ इतना है कि तब आरोपी हरक सिंह रावत प्रदेश की कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री थे और अब मंत्री और कांग्रेस दोनों छोड़कर भाजपा के खेमे में शामिल हैं।